तेरे अंदर आग है उसे बुझने मत दे!

hard work motivation for students

तेरी अंदर आग है, उसे बुझने मत दे। तेरे अंदर एक शेर की आत्मा है, उसे बाहर निकलने दे और दहाड़ ने दे।
तेरा एक लक्ष्य है, उसे पूरा करने की जिद्द बना और दुनिया को दिखा दे, कि तू एक कायर नहीं है और बता दे कि तू अपने मन और इस दुनिया का गुलाम बनकर जीने नहीं आया है।

अपने घोसले से बाहर निकाल और पंख फैला और तू इस दुनिया को दिखा दे, "कि" तू उड़ सकता है।
जो करना चाहता है उसे कर, लेकिन रुक मत, क्योंकि रुका हुआ पानी भी सड जाता है।

तू दौड़ नहीं सकता, तो चल, यदि तेरा चलने का मन नहीं है, तो फिर भी चल, क्योंकि अच्छे मौसम और हालात में, तो सभी चल लेते हैं। लेकिन जो हर परिस्थितियों में, अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ता है, वही अपने लक्ष्य को हासिल करता है।

तू एक योद्धा है और अपने कर्म और जिद से एक साम्राज्य बना और उस पर राज का कर।
तू ईश्वर को कोसना बंद कर, की उसने तेरे भाग्य में दुःख और अशांति लिख दिया और तू कुछ नहीं कर सकता । यदि ईश्वर ने तेरा भाग्य लिख दिया होता, तो ईश्वर तुझे स्वस्थ शरीर और असीमित शक्तियों वाला दिमाग देकर धरती पर नहीं भेजा होता। बल्कि, दिमाग और शरीर से, अपाहिज बना कर भेजा होता, ताकि तू कुछ नहीं कर सके।

आगे बढ़ना है तो छोड़ दे अपना conford zone

अपने कंफर्ट जोन से, बाहर निकल और दिखा दे, अपनी औकात, कि तू भी किसी से भी कम नहीं और अपना भाग्य खुद लिख सकता है। अपने लक्ष्य की ओर, अपना कदम बढ़ा और कब तक खुद को अंधेरे में रखेगा, यह कह कर कि अभी सही समय नहीं है, सही समय आने पर शुरू करूंगा।


खुद को कब तक जंजीरों में बांधकर रखेगा और ईश्वर के सहारे बैठा रहेगा, की, ईश्वर आकर तुम्हारे भाग्य का निर्माण करें। हो सकता है, ईश्वर तुम्हारे भरोसे बैठे हो, की तुम अपना भाग्य कब निर्माण करोगे। अपने डर और बहाने को साइड कर, आज और अभी से, शुरुआत कर और निर्णय ले कि तू भविष्य में एक सक्सेसफुल इंसान बनेगा और आज से एक बेहतर जीवन जिएगा।

तुम आज का काम, कल पर टाल रहे हो और कल का काम, कल पर, तो क्या तुम यह नहीं जानते, कि कल कभी नहीं आता, वह हमेशा आज हो जाता है।

चाणक्य कहते हैं - कि कल इतना चालाक है, कि वह हमेशा, कल के बदले, आज का समय चुरा लेता है।
इसलिए आज और अभी निर्णय ले कि तुझे भविष्य में क्या बनना है और उसे कब तक हासिल कर लेगा। तू इससे मत डर, कि तु इस काम को शुरू करेगा, तो तुम्हारे आस पड़ोस वाले लोग क्या कहेंगे और तुम्हारे दोस्त क्या कहेंगे, उनका काम है कहना, कि तू इसे नहीं कर सकता, क्योंकि वे लोग इस काम को नहीं कर सकते, इसलिए वे तुम्हें भी करने नहीं देना चाहते।

तू अपने आप को, छोटा मत समझ, कि हमसे क्या हो पाएगा, क्योंकि एक छोटा सा, दीपक ही अंधेरे का सीना चीर कर, उजाला कर देती है। तू खुद में विश्वास पैदा कर और खुद पे भरोसा कर, कि तू इस दुनिया में यूनीक है और तेरा मुकाबला कोई नहीं कर सकता।

तू अपनी ताकत से, कुछ भी कर सकता है, परंतु उसमें विश्वास कर।

संख्या का उतना महत्व नहीं है, जितना गुणों का होता है, इसलिए तू ये मत सोच, की कंपटीशन बहुत बढ़ चुका है और तुमने बहुत देरी कर दी है और अब कुछ नहीं हो सकता। परंतु ऐसी सोच, तो आलसी लोगों का होता है, मेहनती लोग, तो पहाड़ों का सीना चीरकर भी, अपना रास्ता बना लेते हैं।

तो चल आज इसी क्षण से खुद से वादा कर कि तू अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित है और जब तक तू अपने लक्ष्य की प्राप्ति नहीं कर लेगा तब तक तू नहीं रुकेगा।

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