Good Friday kyu manaya jata hai, good friday kya hota hai, good friday kaise manaye

गुड फ्राइडे क्यु मनाया जाता है। 


गुड फ्राइडे को ईसाई धर्म का एक बहुत बड़ा पर्व माना जाता है ऐसा कहा जाता है की ईशा मसीह मानवता को बचाने के लिए अपने प्राण का बलिदान दिया था। इस बलिदान के उपलक्ष मे, इस दिन को गुड फ्राइडे के नाम से जाना जाता है। ईसाई धर्म के लोग गिरजाघर जा कर प्रभु इशू की पूजा अर्चना करते हैं। ईशा मसीह के याद मे इस दिन को पर्व के रूप मे मनाया जाता है और गिरजाघर मे जा कर
 प्रभु ईशा मसीह के सामने प्रार्थना की जाती है। हर साल गुड फ्राइडे अप्रैल ओर मई मे शुक्रवार को  मनाया जाता है। आध्यात्मिक विवरण के अनुसार यीशु का क्रूसिफिकेशन लगभग, शुक्रवार को किया
 गया था। अर्थात फ्राइडे को इसीलिए ओ दिन गुड फ्राइडे के नाम से जाना जाता है,अनुमानित गुड फ्राइडे का शुरुआत वर्ष 33 AD और 34 AD से किया गया था।

ईशा मसीह कौन थे। 




गुड फ्राइडे को हम सब "ब्लैक और ग्रेट" फ्राइडे के नाम से भी जानते है। ईशा मसीह एक धार्मिक, नेक दिल इंसान और महान आत्मा थे, जो आगे जा कर ईस्वर बन गए ! उन्होंने अपने जीवन मे
बहुत संघर्ष किए थे, मानवता केलिए, लेकिन उनकी जीवन मे एक एसी मोड़ आई, जिस से उनका जीवन उथल-पुथल गो गया फिर उनकी जीवन बड़ा कस्टदाये बन गया तत्पश्चात एक ऐसा दिन
आया जिस दिन ईशा मसीह को क्रॉस पर लटका दिया गया,ओ भी सभी के सामने और जमाना देखता रह गया।  लेकिन मरते-मरते उन्होंने भगवान से प्रार्थना करते हुए कहा की इन्हे पता नहीं है की
ये क्या कर रहे है इसलिए इन्हे माफ कर देना भगवन, ये कह कर अपनी प्राण त्याग दिए !जिस दिन क्रॉस पर लटकाया गया उस दिन संभवत: शुक्रवार (Friday) था।
 उसके बाद से गुड फ्राइडे के नाम से जाना जाता है और इसे शोक के रूप मे मनाया जाता है।

गुड फ्राइडे कैसे मनाते है। 


गुड फ्राइडे ईशाई धर्म के लोग, और जो जिस को अपना भगवन मानते है यू देखा जाए तो ये शोक मनाने का दिन है। अब कोई भी धर्म के लोग कैन्डेल, गुड फ्राइडे के दिन चर्च जा कर कैन्डेल जलाते है और अपनी शोक जाहीर करते है। ईशाई धर्म के लोग गुड फ्राइडे की तैयारी महीनों पहले से कर देते है, इस दिन ईशा मसीह के भक्त उनके लिए उपवास और प्रार्थना भी करते है। इस पर्व दे दौरान लोग साकाहारी खाना खाते  है चर्च और घरों से सजावट के समान हटा देते है या उन्हे कपड़े से ढक दिए  जाते है। ईसाई धर्म के लोग चर्च मे जमा होते है और ईशा मसीह का ध्यान करते है

 गुड फ्राइडे का इतिहास


ईसाई धर्म के अनुसार ईशा मसीह परमेश्वर के सुपुत्र थे। ईशा मसीह को यीशु के नाम से भी जाना जाता है, ऐसा कहा जाता है की ईशा मसीह घूम-घूम कर लोगों को मानवता,सांती और धार्मिक उपदेश
दिया फिरते थे। उन्होंने धर्म गुरूओ की बातों को अंधविश्वास कहना शुरू कर दिया था और लोगों को भी यह बताना शुरू कर दिया था। तत्पश्चात उनकी बाते शुन कर, धर्म गुरूओ ने सोच की इनकी
बाते कही हमारी खुलासा न कर दे, इसीलिए उन्होंने रोम शासकों को इशू के खिलाफ बीज बो दिया। अर्थात भड़का दिया था और उनलोगों ने गुस्से मे आ कर ईशा मसीह को अपने अधिकार मे लेलीया
और कुछ समय बीत जाने के बाद उन्हे क्रॉस पर लटका दिया गया। इस दिन जीवनभर लोगों मे प्रेम और विश्वास जगाने वाले प्रभु इशू  को याद किया जाता है उनके उपदेश को उनके श्रद्धालु सुनते है।
और इसी दिन श्रद्धालु प्रेम,सत्य और विश्वास की रास्ते पर चलने की प्राण लेते है कई जगह  लोग इस दिन काले वस्त्र  धारण कर के शोक व्यक्त करते है। 

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